russia ukraine war : रूस यूक्रेन युद्ध लंबा खींचा जा रहा है, दोनों देशों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है, ऐसे में दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है और वो खतरा है परमाणु युद्ध का।

russia ukraine war
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रूस के द्वारा यूक्रेन पर सोमवार को भारी मात्रा में बमबारी की गई थी, उसके बाद मंगलवार को भी हवाई हमले जारी रखे थे। जिससे परेशान होकर अमेरिका परमाणु हमले को अंजाम दे सकता है।

हम उसी अमेरिका की बात कर रहे है जो दुनियाभर में मानवाधिकारों की दुहाई देने के लिए प्रसिद्ध है।

रूस नही रोक रहा है हमले

russia ukraine war : रूस यूक्रेन युद्ध के इतने लंबे समय के बाद भी यूक्रेन झुकने को तैयार नहीं है, और रूस रुकने को तैयार नही है। ऐसा लगता है कि यूक्रेन पुष्पा के स्टाइल में कह रहा होगा, “मैं झुकेगा नही साला”।

वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कहना है की हम अपनी क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है, और यूक्रेन हमारा हिस्सा है हम लेकर रहेंगे।

अमेरिका और NATO भी आग में घी डालने से पीछे नहीं हट रहे है, वो यूक्रेन को हथियार देकर रूस के साथ अप्रत्यक्ष रूप से लड़ाई लड़ रहे हैं।

 हथियारों की कमी तो आने वाली है नही। और उसके बिना यूक्रेन रुकने वाला है नही। दोनों देशों की जंग में सबसे बड़ा डर परमाणु युद्ध का है, और अब शायद दुनिया एक और परमाणु युद्ध खेलने जा रही है।

रूस लगातार बमबारी कर रहा है

russia ukraine war : रूस ने मंगलवार को भी अपने हवाई हमले जारी रखे थे, जिनमे करीब 19 लोगों की मौत हो गई थी। UN कार्यालय ने इस हमले को हैरान करने वाला और युद्ध अपराध के बराबर बताया है।

रूस के बढ़ते हमलों के बाद यूक्रेन ने अपने नागरिकों को बंकर (पनाहगाह) में भेजा है। ये राजधानी कीव में लंबी शांति के बाद दुबारा देखने को मिल रहा है।

रूस ने सोमवार को भी भारी मात्रा में बमबारी की थी, जिसमे यूक्रेन की राजधानी कीव और 12 क्षेत्र शामिल थे। बमबारी के चलते बिजली और पानी के संकट को देखते हुए यूक्रेन ने अपने नागरिकों को पानी और बिजली का भंडारण करने को कहा है।

रूस के हमले की की गई निंदा

russia ukraine war : यूक्रेन के राष्ट्रपति ने मंगलवार को ऑडियो कांफ्रेसिंग के जरिए G-7 संबोधित किया था। जिसमे G-7 नेताओं ने रूस के इस हमले की निंदा की थी। और कहा था की वो यूक्रेन के साथ हर तरह से खड़े रहेंगे।

गौरतलब है कि G-7 का बयान पुतिन के उस बयान के बाद आया है, जिसमे व्लादिमीर पुतिन ने कहा था की यूक्रेन को पश्चिमी देशों का सहयोग युद्ध को लंबा बढ़ाएगा।

और ऐसा करने से युद्ध रुकने की संभावना कम हो जाती है, और ये यूक्रेन के दर्द को और बढ़ाएगी।

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ध्यान रहे को G-7 एक औद्योगिक समूह है जिसमे सात शक्तियां शामिल है।

उधर जेलेंस्की ने भी रूसी हमले का विरोध करते हुए कहा है, की रूस के द्वारा हमारे ऊर्जा संयंत्रो को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन हम रूस के साथ बातचीत के मूड में नहीं है, क्योंकि रूस का कोई भविष्य नहीं है।

साथ उन्होंने कहा की रूस की राजधानी मॉस्को में बैठा एक आदमी वैश्विक शांति के लिए खतरा बनता जा रहा है। उनकी तरफ से लगातार असैन्य इलाकों पर हमले किए जा रहे है, और सोमवार को भी उन्होंने ऐसा ही किया था।

रूस ने लिया है अपना बदला : रूस यूक्रेन युद्ध

russia ukraine war : आपको बता दें की यूक्रेन के द्वारा शनिवार को रूस और क्रीमिया प्रायद्वीप को जोड़ने वाले पूल ( केरच ब्रिज) पर हमला किया था। जिससे गुस्सा होकर रूस के द्वारा अपने हमले तेज कर दिए गए है।

जिस इलाके में ब्रिज बना है उसे रूस ने यूक्रेन से 2014 में अपने में मिला लिया था।

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रूस का आरोप है को ब्रिज पर हमला करने के पीछे यूक्रेन की स्पेशल सेल है, जिसने इस ब्रिज को तोड़ा है।

आपको बता दें की ब्रिज पर हमले के बाद से ट्विटर पर जेलेंस्की युद्ध अपराधी भी ट्रेंड करने लगा था। क्योंकि ब्रिज एक असैन्य इलाका है, और वहां हमला करना गैर जिम्मेदाराना है, जिस पर तो संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त का कोई जवाब नही आया लेकिन रुस के जवाबी हमला ma कड़ा विरोध किया था।

क्या रूस कर सकता है परमाणु हमला

russia ukraine war : वहीं, यूक्रेन पर परमाणु हमले को लेकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस तब ही परमाणु हथियारों का सहारा लेगा जब रूस को तबाही का सामना करना पड़ेगा। सरकारी TV से बातचीत में बताया था की रूस को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही है।

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इसके अलावा अगर यूक्रेन को पश्चिमी देशों का सहयोग जारी रहा तो रूस हमले तेज कर सकता है।

रूस NATO से टकराव नहीं चाहता

रूस की मंशा NATO से सीधे टकराव की नही है। रूस का उद्देश्य अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है, ऐसे में अगर NATO और अमेरिका खुद इस युद्ध में नही कूदते है तो तीनो के बीच टकराव की संभावना कम है।

इसके अलावा बेलारूस के राष्ट्रपति ने बताया है के वो और रूस के राष्ट्रपति सैनिकों का एक क्षेत्रीय समूह बनाने वाले है, जिसका उद्देश्य बेलारूस पर यूक्रेन के संभावित हमले को रोकना है।

इस चेतावनी के बाद युद्ध गंभीरता की और जा सकता है।

NATO और अमेरिका करेंगे परमाणु अभ्यास

युद्ध के लंबे खींचते जाने में कारण और रूस की चेतावनी से अब नाटो और अमेरिका भी परमाणु अभ्यास करने वाले है।

रूस के राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी की वो रूस की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है, ऐसे में नाटो का भी कहना है की उन्होंने अपने परमाणु युद्धाभ्यास को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

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जिसके बाद टकराव की स्थिति बढ़ने की संभावना है, नाटो के युद्धाभ्यास में 30 सदस्य देशों में से 14 देश शामिल होंगे। जिसकी योजना फरवरी में रूसी आक्रमण से पहले बना ली गई थी।

जो भी हो दुनिया का परमाणु युद्ध की और जाना वैश्विक शांति के लिए खतरा है, और वो भी अमेरिका जैसे देश का जो दुनिया में शांति का ढिंढोरा पीटने में माहिर है।

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